मसूरी में लागू हुई BNSS की धारा 163: पर्यटकों के लिए नई व्यवस्था और दिशा-निर्देश

उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मसूरी में गर्मियों के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब मसूरी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 को लागू कर दिया गया है। इस धारा के तहत जिला मजिस्ट्रेट को आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई करने के अधिकार मिलते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखी जा सके।

बीएनएसएस धारा 163: क्या है इसका महत्व?

बीएनएसएस की धारा 163 जिला प्रशासन को यह अधिकार देती है कि वह किसी क्षेत्र में सार्वजनिक उपद्रव, भीड़ नियंत्रण या यातायात व्यवस्था से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान कर सके। मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों में यह धारा विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है, जहां हर साल गर्मियों के दौरान हजारों पर्यटक पहुंचते हैं।

प्रशासन की बड़ी तैयारी

देहरादून के डीएम सविन बंसल की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। प्रशासन ने इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं की हैं:

  • हाथी पांव, किंग क्रेग, और कुठाल गेट जैसे स्थानों पर सैटेलाइट पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
  • माल रोड पर पर्यटकों के लिए हाईटेक शटल सेवाएं और गोल्फ कार्ट सेवा उपलब्ध कराई गई है।
  • मॉल रोड के एंट्री गेट पर डिजिटल रसीद सेवाएं शुरू की गई हैं।

पार्किंग और यातायात व्यवस्था

गर्मियों में भारी ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था को नया रूप दिया गया है। वाहनों के प्रकार के आधार पर पार्किंग क्षेत्रों को वर्गीकृत किया गया है, जिससे छोटे और बड़े वाहनों की पार्किंग सुगम हो सके।

  • गज्जी बैंड पार्किंग पूरी तरह भर जाने पर गाड़ियाँ कुठाल गेट मोड़ पर रोककर पुराने राजपुर रोड पर भेजी जाएंगी।
  • किंग क्रेग में एक स्थायी सैटेलाइट पार्किंग स्थल स्थापित किया जाएगा।
  • हाथी पांव (जॉर्ज एवरेस्ट रोड), बासघाट और कुठाल गेट पर अस्थायी पार्किंग स्थलों के विकास के लिए निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था

डीएम ने सीओ मसूरी और एसपी (यातायात) को पार्किंग क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ वाहनों के सुचारु संचालन के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, नगर निगम अधिकारियों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं:

  • लाइब्रेरी चौक और पिक्चर पैलेस शटल ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट पर प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था और रिक्शा व गोल्फ कार्ट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
  • पर्यटन सूचना तंत्र और वैकल्पिक पार्किंग मार्गदर्शन प्रणाली भी लागू की जा रही है।

पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए मॉल रोड पर कई आधुनिक सेवाएं शुरू की गई हैं:

  • सैटेलाइट पार्किंग से शटल सेवा सीधे मॉल रोड तक ले जाएगी।
  • गोल्फ कार्ट सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए फायदेमंद होगी।
  • डिजिटल रसीद सेवा से पार्किंग प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।

स्थानीय प्रशासन की अपील

प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे धारा 163 के अंतर्गत जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यह न केवल उनकी सुविधा के लिए है, बल्कि पूरे हिल स्टेशन की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।

मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर गर्मियों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की यह पहल स्वागत योग्य है। बीएनएसएस की धारा 163 के तहत प्रशासन को जो अधिकार मिले हैं, उनका उद्देश्य किसी पर पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना है। पार्किंग, यातायात और सुरक्षा की इन नई व्यवस्थाओं से न केवल पर्यटकों को सहूलियत होगी, बल्कि मसूरी का सौंदर्य और पर्यावरण भी संरक्षित रहेगा।

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