देहरादून – उत्तराखंड के प्रमुख हवाई अड्डे जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर यात्रियों और टैक्सी चालकों के लिए राहत की खबर आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने पार्किंग की निःशुल्क समय सीमा को 11 मिनट से बढ़ाकर अब 13 मिनट कर दिया है। यह फैसला हाल ही में पार्किंग दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ टैक्सी संगठनों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि: पार्किंग शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि
पिछले सोमवार से ऋषिकेश टैक्सी मैक्सी महासंघ के सदस्य और अन्य टैक्सी चालक जॉली ग्रांट एयरपोर्ट परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप था कि एयरपोर्ट प्रशासन ने पार्किंग शुल्क में अप्रत्याशित बढ़ोतरी की है, जिससे यात्रियों और टैक्सी चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि यह बढ़ोतरी न सिर्फ अनुचित है, बल्कि इससे आम जनता की जेब पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने एयरपोर्ट परिसर के बाहर स्थित टोल बैरियर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और शुल्क वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
13 मिनट तक मुफ्त पार्किंग: यात्रियों और चालकों को राहत
विरोध के बीच एयरपोर्ट प्रशासन ने अंततः निःशुल्क पार्किंग की समय सीमा को 11 मिनट से बढ़ाकर 13 मिनट कर दिया है। इसका मतलब यह है कि कोई भी वाहन, जो 13 मिनट के भीतर एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश कर किसी यात्री को छोड़ता या लेता है, उससे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इस निर्णय से खासकर टैक्सी चालकों को राहत मिली है, जो अक्सर यात्रियों को एयरपोर्ट छोड़ने या लेने आते हैं। इससे पहले, 11 मिनट की सीमा के चलते थोड़ी सी देरी भी शुल्क लागू होने का कारण बन जाती थी।
धरना प्रदर्शन में कौन-कौन हुआ शामिल
इस आंदोलन में कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- विजयपाल सिंह रावत – अध्यक्ष, गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एवं मालिक एसोसिएशन
- उमेश चौहान – कोषाध्यक्ष
- हेमंत डग – अध्यक्ष, डीलक्स टैक्सी मैक्सी संगठन
- विजेंद्र कंडारी – सचिव
इसके अलावा कई अन्य सदस्य जैसे तनवीर सिंह, जयप्रकाश, मनजीत कोतवाल, अर्पित राजपूत, कपिल असीजा, और अंकित राजपूत आदि ने भी धरने में भाग लिया।
टैक्सी संगठनों की मांगें और चेतावनी
टैक्सी संगठनों का यह भी कहना है कि यदि प्रशासन ने शुल्क बढ़ोतरी को पूरी तरह से वापस नहीं लिया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। संगठनों ने इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की भी चेतावनी दी है।
उनका तर्क है कि जॉली ग्रांट एयरपोर्ट एक सार्वजनिक स्थल है और यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि व्यावसायिक हितों को।
प्रशासन की सफाई और संतुलन की कोशिश
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी एयरपोर्ट के संचालन और सुरक्षा उपायों के चलते की गई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि स्थानीय टैक्सी यूनियनों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी के चलते 13 मिनट तक निःशुल्क पार्किंग की सुविधा दी गई है, जो देश के अन्य हवाई अड्डों की तुलना में संतुलित मानी जा सकती है।
स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय यात्रियों और टैक्सी चालकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह एक सकारात्मक कदम है, लेकिन पूर्ण समाधान नहीं। एक टैक्सी चालक कुमार गौरव ने कहा, “13 मिनट की छूट अच्छी बात है, लेकिन हमें शुल्क दरों को भी व्यावहारिक बनाना होगा।”
विरोध का असर और आगे की राह
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर निःशुल्क पार्किंग की समय सीमा बढ़ाना विरोध के दबाव का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया है कि जब संगठित रूप से आवाज उठाई जाती है, तो प्रशासन को भी अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना पड़ता है।
हालांकि, यह मुद्दा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। टैक्सी यूनियनों की अन्य मांगें और शुल्क ढांचे की पारदर्शिता पर अभी भी बातचीत की जरूरत है। लेकिन फिलहाल, 13 मिनट की यह राहत यात्रियों और चालकों के लिए बड़ी राहत है

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