दिल्ली चुनाव 2025: आरोप-प्रत्यारोप के बीच यमुना सफाई बना मुख्य मुद्दा

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुकी हैं। इस बार यमुना नदी की सफाई और इससे जुड़े कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन गया है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस पार्टी ने यमुना सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के मुद्दे को जोरशोर से उठाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक जनसभा में कहा, “दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि यमुना को साफ करने के लिए आवंटित पैसा कहां गया। भाजपा और आप दोनों ने इस मुद्दे पर जनता को धोखा दिया है।”

केजरीवाल सरकार की दलील

आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि यमुना की सफाई के लिए उनकी सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया, “हमने यमुना नदी में गंदगी कम करने के लिए नालों को सील किया और ट्रीटमेंट प्लांट लगाए। यह काम एक दिन में नहीं हो सकता, लेकिन हम पूरी ईमानदारी से इस पर काम कर रहे हैं।”

भाजपा का जवाब

भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यमुना की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए गए। भाजपा नेता मनोज तिवारी ने कहा, “दिल्ली की जनता अब जागरूक हो चुकी है और इस बार झूठे वादों के बहकावे में नहीं आएगी।”

विशेषज्ञों की राय

यमुना सफाई के मुद्दे पर पर्यावरणविदों का कहना है कि जब तक सभी राजनीतिक पार्टियां इस पर गंभीरता से काम नहीं करतीं, तब तक स्थिति में सुधार संभव नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं में सुधार के बिना नदी को स्वच्छ बनाना मुश्किल है।

दिल्ली के मतदाताओं की उम्मीदें

दिल्ली के मतदाता इस बार यमुना सफाई को लेकर काफी सजग हैं। लक्ष्मी नगर की निवासी रेखा शर्मा ने कहा, “हमने अब तक कई वादे सुने हैं, लेकिन इस बार हम सिर्फ उन नेताओं को चुनेंगे जो इस समस्या का स्थायी समाधान देंगे।”

चुनावी समीकरण

यमुना सफाई का मुद्दा इस बार चुनावी समीकरणों को बदल सकता है। विपक्षी पार्टियां इसे सरकार के खिलाफ एक बड़ा हथियार बना रही हैं, जबकि आप सरकार इस पर अपनी उपलब्धियां गिना रही है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में यमुना की सफाई एक अहम मुद्दा बनकर उभरा है। जनता अब नेताओं के वादों से आगे, उनके काम की जांच कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यमुना सफाई के मुद्दे पर जनता का विश्वास किसे मिलता है।

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