बदरीनाथ में पुष्पा गैंग का पर्दाफाश: जेबकतरी करने आए 8 आरोपी गिरफ्तार

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु बने अपराधियों का निशाना

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम में चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में तीर्थ यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। ताजा घटना में पुलिस ने आंध्र प्रदेश से आए पुष्पा गैंग के आठ जेबकतरे बदरीनाथ में गिरफ्तार किए हैं।

गैंग की गिरफ्तारी से सनसनी, लाखों की चोरी का खुलासा

चमोली जिले में स्थित बदरीनाथ धाम में मंगलवार को पुलिस ने इस कुख्यात गिरोह का भंडाफोड़ किया। पकड़े गए अपराधियों के पास से पुलिस को 2 लाख रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन और कई एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गैंग पिछले कुछ दिनों से तीर्थयात्रियों के बीच सक्रिय था और चोरी की लगातार शिकायतें मिलने पर इसे पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई।

पुष्पा गैंग का नेटवर्क आंध्र प्रदेश से देशभर में फैला

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और ‘पुष्पा गैंग’ नाम के गिरोह से ताल्लुक रखते हैं। यह गिरोह देश के कई बड़े तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर कीमती सामान चोरी करता है। गैंग का सरगना कृष्णा छेदोजा बताया गया है, जो आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का निवासी है। गिरोह के सदस्य हवाई मार्ग से उत्तराखंड पहुंचे थे और चारधाम यात्रा में जुटे श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।

गुप्त निगरानी से मिला सुराग, एक आरोपी रंगेहाथ पकड़ा गया

पुलिस ने बताया कि बदरीनाथ पुलिस थाने में कई यात्रियों ने पर्स और मोबाइल चोरी की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चमोली पुलिस अधीक्षक ने एक निगरानी टीम गठित की। सब-इंस्पेक्टर संजय रावत के नेतृत्व में जांच शुरू हुई। गुप्तचर अधिकारियों की तैनाती के बाद पुलिस को एक महिला यात्री से चोरी करते हुए एक संदिग्ध नजर आया, जिसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में खोले राज, बाकी आरोपी भी पकड़े गए

पहले आरोपी से की गई पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पुष्पा गैंग का सदस्य है और चोरी करने के इरादे से बदरीनाथ आया था। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  1. कृष्णा छेदोजा – गैंग का सरगना, निवासी गुंटूर, आंध्र प्रदेश
  2. चेडोजा कृष्णा – गैंग सदस्य
  3. खम्मामपति गोपी – गैंग सदस्य
  4. गुज्जी नागराज – गैंग सदस्य
  5. टेमरला श्रीराम – गैंग सदस्य
  6. उमा महेश्वरम रंगाराव – गैंग सदस्य
  7. मणिकांता – गैंग सदस्य
  8. एक अन्य नाबालिग – जिसकी पहचान गोपनीय रखी गई है

तीर्थयात्रियों को दी गई सतर्कता की सलाह

पुलिस ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। विशेषकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल फोन, पर्स और अन्य कीमती सामानों की सुरक्षा को लेकर सजग रहने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही पुलिस ने अपने विशेष हेल्पलाइन नंबरों और मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया है।

गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी

चमोली पुलिस का कहना है कि पुष्पा गैंग का नेटवर्क केवल बदरीनाथ तक सीमित नहीं है। देश के अन्य धार्मिक स्थलों जैसे वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी और काशी विश्वनाथ में भी यह गिरोह सक्रिय रहा है। इन स्थानों पर भी चोरी की घटनाओं में इनके शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब आंध्र प्रदेश पुलिस से संपर्क कर गिरोह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।

स्थानीय प्रशासन की सख्ती से तीर्थ स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई गई

इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ा दी है। हर प्रमुख पड़ाव और मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, डमी यात्रियों और plainclothes पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

न्यायिक प्रक्रिया शुरू, अपराधियों पर सख्त धाराएं लागू

गिरफ्तार सभी आरोपियों पर चोरी, साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेशी के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इनके मोबाइल और बैंक खातों की भी जांच कर रही है ताकि पता चल सके कि चोरी की गई रकम और सामान को कहां खपाया जा रहा था।


बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की सक्रियता और तत्परता ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुष्पा गैंग जैसे अपराधी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए सतर्कता, सुरक्षा और तकनीक का समन्वय आवश्यक है। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक आपराधिक गिरोह को रोका, बल्कि तीर्थ यात्रियों में विश्वास भी बहाल किया है।

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