ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया पाकिस्तान
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागी और कम से कम 9 ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान की बौखलाहट साफ देखने को मिल रही है।
लाहौर के पास देखे गए दो नागरिक विमान
भारतीय खुफिया एजेंसियों और वायुसेना के सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद नहीं किया, बल्कि इसके उलट उसने नागरिक विमानों का इस्तेमाल करते हुए भारत की वायु सुरक्षा प्रणाली को चकमा देने की कोशिश की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार रात लाहौर के पास दो पाकिस्तानी नागरिक विमान देखे गए, जिनमें से एक PIA 306 था जो कराची से लाहौर जा रहा था। दूसरा विमान ABQ406 भी कराची से लाहौर की उड़ान पर था और पाकिस्तानी समयानुसार रात 10 बजे लाहौर में उतरने वाला था।
ड्रोन की आड़ में नागरिक विमान: भारत को चकमा देने की कोशिश
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इन नागरिक विमानों का इस्तेमाल एक ढाल के रूप में कर रहा था, ताकि उसके ड्रोन भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर सकें और भारत की वायु रक्षा प्रणाली उन पर हमला करने में हिचकिचाए। यह एक सोची-समझी रणनीति थी, जिससे भारत की जवाबी कार्रवाई को रोका जा सके और ड्रोन को बिना किसी रोक-टोक के भारतीय सीमा तक पहुंचाया जा सके।
भारतीय वायुसेना की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
भारतीय वायुसेना पूरी तरह सतर्क थी और उसने उत्तरी क्षेत्रों में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे ड्रोन को समय रहते रोक लिया। वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ड्रोन को मार गिराया और उनकी लॉन्चिंग साइट्स की भी पहचान की जा रही है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए कई ड्रोन तुर्की में बने थे और उनमें संवेदनशील इलाकों की निगरानी के उपकरण लगे हुए थे।
हवाई क्षेत्र बंद करने से क्यों कतरा रहा पाकिस्तान?
आमतौर पर किसी भी तनावपूर्ण स्थिति में देश अपने नागरिक हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर देता है। लेकिन पाकिस्तान ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। इसके पीछे रणनीति यही थी कि भारत की तरफ से कोई सैन्य कार्रवाई हो, तो वह नागरिक उड़ानों के कारण रुक जाए। यह एक अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन जैसा कदम भी माना जा रहा है।
भारत ने जताई गंभीर चिंता
केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर गहरी चिंता जताई है। रक्षा और गृह मंत्रालय के उच्चाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है, जिसमें भविष्य की रणनीति तय की जा रही है। भारत ने इस कदम को नागरिक उड्डयन सुरक्षा के खिलाफ बताया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों की खुली अवहेलना करार दिया है।
ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाएं
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद से अब तक जम्मू, जैसलमेर, फिरोजपुर, और अमृतसर सहित कई सीमावर्ती शहरों की ओर ड्रोन भेजने की कोशिश की है। हालांकि अधिकांश ड्रोन भारतीय वायुसेना और बीएसएफ द्वारा मार गिराए गए हैं। ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान खुफिया जानकारी एकत्र करने और संभावित हमलों की तैयारी में लगा हुआ है।
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि
भारत और पाकिस्तान के बीच यह नया तनाव पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें पर्यटकों को धर्म पूछकर गोली मारी गई थी। इस नृशंस वारदात के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई थी। जनता और विपक्ष की मांग पर भारत सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए सीमापार कार्रवाई की।
15 शहरों पर हमले की पाकिस्तान की कोशिश
ऑपरेशन सिंदूर के बाद 8 मई को पाकिस्तान ने भारत के कम से कम 15 शहरों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जिसमें नई दिल्ली, अमृतसर, जयपुर, पटियाला, जम्मू, लुधियाना, और अन्य प्रमुख शहर शामिल थे। हालांकि भारतीय खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के चलते इन हमलों को समय रहते टाल दिया गया।
आगे की रणनीति पर काम कर रहा भारत
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत अब पाकिस्तान के इस नागरिक उड़ानों की आड़ में हो रहे सैन्य प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही भारत की वायुसेना और साइबर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हर संभावित खतरे का जवाब देने की तैयारी की जा रही है
पाकिस्तान की यह नई साजिश — नागरिक विमानों की आड़ में ड्रोन भेजने की — न केवल खतरनाक है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी है। भारत की सतर्कता ने एक बड़ा खतरा टाल दिया, लेकिन यह स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में भारत को सीमा पर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस चुनौती का जवाब दे रही हैं और देशवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिला रही हैं।

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