इलायची हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

ब्याज के बदले पत्नी को गिरवी रखने की मांग पर हुआ कत्ल, दंपती गिरफ्तार

हसनपुर (संवाद न्यूज एजेंसी)। मुरादाबाद जिले के हसनपुर कस्बे में सामने आए हनीफ उर्फ इलायची हत्याकांड ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। 70 वर्षीय ई-रिक्शा चालक की हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने ब्याज के बदले कर्जदार की पत्नी को एक माह के लिए गिरवी रखने की बेशर्मी भरी मांग कर डाली। अपमान से आक्रोशित पति ने हत्या कर शव को बैड के नीचे छिपा दिया। पुलिस ने खुलासा करते हुए दंपती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


इलायची का अतीत: परिवार से अलग, ब्याज पर देता था पैसा

मृतक हनीफ उर्फ इलायची नगर के मोहल्ला हिरवाला होलीवाला का निवासी था और ई-रिक्शा चला कर जीवन यापन करता था। उसने पहले ही अपनी पत्नी और बच्चों को मारपीट कर घर से निकाल दिया था और अकेले ही रहता था। इलाके में वह ब्याज पर पैसे देने के लिए भी जाना जाता था। शुक्रवार की सुबह जब उसका शव उसके ही घर में बैड के नीचे मिला, तो इलाके में हड़कंप मच गया।


हाथ-पैर बंधे मिले शव ने बढ़ाया शक

शव की हालत देखकर साफ था कि हत्या बेहद सोच-समझकर की गई है। हनीफ के हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे और उसका गला घोंटा गया था। हत्या की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू की और चचेरे भाई शकील अहमद की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।


सीसीटीवी, सर्विलांस और मोबाइल डेटा से हुआ खुलासा

एसपी अमित कुमार आनंद ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल सीडीआर और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। शमशेर खां और उसकी पत्नी शाजमा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों कांशीराम कॉलोनी, थाना हसनपुर के निवासी हैं।


20 हजार का कर्ज बना मौत की वजह

शमशेर खां ने स्वीकार किया कि उसने हनीफ से चार महीने पहले 20 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। इसके बदले अपनी बाइक और बैट्रा गिरवी रखे थे। बाद में 5 हजार रुपये और उधार लेकर पुराना बैट्रा भी गिरवी रखा। आर्थिक तंगी बढ़ती गई और ब्याज की रकम भारी हो गई। इसी तनाव में 27 अप्रैल की रात वह अपनी पत्नी के साथ हनीफ के घर गया।


बातचीत के दौरान सामने आया घिनौना प्रस्ताव

पुलिस के मुताबिक शमशेर ने हनीफ से कर्ज माफ करने और बाइक-बैट्रा वापस देने की मिन्नतें कीं। इसी दौरान हनीफ ने घिनौनी पेशकश करते हुए कहा कि यदि वह अपनी पत्नी को एक महीने के लिए गिरवी रख दे, तो वह सारा कर्ज माफ कर देगा। यह सुनकर शमशेर अपना आपा खो बैठा और उसी वक्त गला दबाकर हनीफ की हत्या कर दी।


पत्नी ने भी निभाई भूमिका, शव को बैड में छिपाया

हत्या के बाद शमशेर ने पत्नी शाजमा को पूरी घटना बताई। फिर दोनों ने मिलकर शव के हाथ-पैर कपड़े से बांधे और उसे बैड में छिपा दिया। इसके बाद दोनों बाइक और बैट्रा लेकर फरार हो गए। अगले दिन बैट्रा को रहरा अड्डे के पास कबाड़ी हबीब को 4 हजार रुपये में बेच दिया।


गिरफ्तारी और पूछताछ में कबूला अपराध

पुलिस की पूछताछ में शमशेर और उसकी पत्नी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। दोनों ने बताया कि वे हनीफ की बेहूदगी से बेहद आहत हुए थे, इसलिए हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।


हत्या का दो दिन में खुलासा, पुलिस टीम को मिला इनाम

एसपी अमित कुमार आनंद ने हत्याकांड का मात्र दो दिन में खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना की और उन्हें ₹25,000 का नकद इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करने से अपराधियों को कड़ा संदेश जाता है।


जांच टीम में कौन-कौन रहे शामिल

इस पूरे खुलासे में शामिल रही टीम में प्रभारी निरीक्षक वरुण कुमार, एसआई अनुज कुमार, प्रविन्द्र कुमार, सिपाही आरिफ, निशांत कुमार, यासीन, रजनीश कुमार, सचिन कुमार, गौरव कुमार, एआई बिजेन्द्र मलिक (सर्विलांस सेल प्रभारी), और एसओजी प्रभारी विकास सहरावत शामिल थे।


मानवता को शर्मसार करता मामला

यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि समाज की गिरती नैतिकता और महिलाओं के प्रति बढ़ती बेशर्मी का प्रतीक बन गया है। जहां एक तरफ हनीफ जैसे लोग महिलाओं को वस्तु समझने लगे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी और अपमान के बोझ तले लोग कानून अपने हाथ में लेने को मजबूर हो जाते हैं। पुलिस ने भले ही मामले का खुलासा कर दिया हो, लेकिन समाज को भी इस पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours