देहरादून – काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने 1 मई 2025 को आईसीएसई (10वीं) और आईएससी (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए। इस साल के नतीजों में उत्तराखंड के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खास तौर पर अर्णव पांडे ने ISC परीक्षा में 99% अंक प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए गए परिणाम
CISCE बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://result.cisce.org पर परीक्षा परिणाम अपलोड किए हैं। छात्र-छात्राएं रोल नंबर और यूनिक आईडी की सहायता से अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इस बार नतीजों में खास बात यह रही कि टॉपर्स की औपचारिक सूची भले ही जारी नहीं की गई, लेकिन समग्र रूप से छात्रों के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखा गया है।
अर्णव पांडे ने पाया 99 प्रतिशत स्कोर
उत्तराखंड के अर्णव पांडे ने ISC (12वीं) बोर्ड परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। अर्णव का कहना है कि, “परीक्षा में अच्छा करने के लिए एकाग्रता ही सबसे महत्वपूर्ण है। मैंने सोशल मीडिया से दूरी बनाई, टाइम टेबल बनाया और परिवार का भरपूर सहयोग मिला।”
अर्णव ने आगे बताया कि उन्होंने अमेरिका की 6 यूनिवर्सिटीज़ में आवेदन किया था, जिनमें से उन्होंने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में “बैचलर ऑफ साइंस इन कंप्यूटर साइंस” में दाखिला लेने का फैसला किया है।
IAS अधिकारी हैं अर्णव के पिता
अर्णव पांडे के पिता पंकज पांडे उत्तराखंड सरकार में वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। वर्तमान में वे विभिन्न विभागों में सचिव के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा, “मैंने अपने बेटे पर कभी किसी करियर का दबाव नहीं डाला। हमने उसे खुद के निर्णय लेने की आजादी दी और आज उसके अच्छे प्रदर्शन ने हमें गौरवान्वित किया है।”
राज्य में छात्राओं का दबदबा
उत्तराखंड में इस बार छात्राओं ने CISCE बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। ICSE (10वीं) में राज्य का कुल पास प्रतिशत 99.13 रहा, जिसमें से छात्राओं का पास प्रतिशत 99.41 और छात्रों का 98.88 प्रतिशत रहा।
ISC (12वीं) में भी छात्राओं ने बाजी मारी है। पूरे राज्य में 7,577 विद्यार्थियों ने ICSE परीक्षा दी थी, जिसमें 4,024 छात्र और 3,553 छात्राएं शामिल थीं।
बोर्ड का कुल प्रदर्शन
देश भर की बात करें तो ICSE बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 99.09% और ISC का 99.02% रहा। यह परिणाम पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, छात्रों की सफलता दर और परफॉर्मेंस में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
टॉपर्स की सूची नहीं हुई घोषित
CISCE ने इस बार टॉपर्स की औपचारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले छात्रों के नाम स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे हैं। बोर्ड का कहना है कि छात्रों पर प्रतिस्पर्धात्मक दबाव को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य से निकलकर छात्र देश और विदेश में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और परिवार के समर्थन का परिणाम है। इस वर्ष के परिणाम ने यह भी साबित कर दिया है कि छात्राओं में पढ़ाई को लेकर गंभीरता और सफलता की संभावना अधिक है।
विद्यार्थियों के लिए आगे की राह
रिजल्ट जारी होने के साथ ही अब छात्रों का ध्यान भविष्य की पढ़ाई और करियर विकल्पों पर केंद्रित हो गया है। अर्णव जैसे छात्र जहां विदेश जाकर उच्च शिक्षा का विकल्प चुन रहे हैं, वहीं बहुत से विद्यार्थी इंजीनियरिंग, मेडिकल, कॉमर्स और आर्ट्स में भारत के शीर्ष संस्थानों में दाखिला लेने की योजना बना रहे हैं।
परीक्षा परिणाम को लेकर अभिभावकों में उत्साह
परिणाम घोषित होने के बाद से राज्य भर के स्कूलों, अभिभावकों और छात्रों में उत्साह का माहौल है। अर्णव के परिवार और स्कूल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। कई स्कूलों में छात्रों के लिए सम्मान समारोह आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने CISCE बोर्ड के सफल छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे छात्र लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, यह राज्य के लिए गर्व की बात है। सरकार भविष्य में शिक्षा सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
समर्थन और समर्पण का नतीजा
CISCE बोर्ड परीक्षा 2025 के परिणाम एक बार फिर यह साबित करते हैं कि मेहनत, परिवार का समर्थन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करने वाले छात्र किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। अर्णव पांडे की सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं।
छात्राओं की शानदार सफलता भी समाज के बदलते नजरिए और बेटियों के प्रति बढ़ते समर्थन को दर्शाती है।

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