पर्यटकों को बनाया गया निशाना, 26 की मौत
जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में अप्रैल 2025 को हुआ आतंकी हमला भारत के लिए एक और काला दिन बन गया। इस निर्मम हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि आतंकी पहले से रेकी कर रहे थे और उन्होंने हमला उस वक्त किया जब पर्यटक स्थानीय बाजार में घूम रहे थे।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर लाए गए पार्थिव शरीर
शहीद हुए सभी पर्यटकों के पार्थिव शरीरों को श्रीनगर एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उन्हें उनके संबंधित राज्यों में भेजा गया। यहां कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राज्य सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान
जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस भयावह हमले के बाद पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को नौसेना की श्रद्धांजलि
भारतीय नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, जो छुट्टियों पर पहलगाम गए थे, इस हमले में अपनी जान गंवा बैठे। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। भारतीय नौसेना इस हमले की घोर निंदा करती है और शहीद परिवारों के साथ खड़ी है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: ‘अब सबक सिखाने का समय’
हरियाणा के करनाल से विधायक जगमोहन आनंद ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि आतंक के गढ़ को सबक सिखाया जाए। पीओके को भारत में मिलाकर आतंक की जड़ को खत्म किया जाना चाहिए।” उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए।
परिजनों का दर्द: मंजूनाथ राव की कहानी
कर्नाटक के शिवमोगा निवासी मंजूनाथ राव भी इस हमले में मारे गए। उनके मामा ने बताया कि मंजूनाथ अपने बेटे की सफलता की खुशी में परिवार को टूर पर लेकर गए थे। हमले के दौरान वे पानीपुरी खा रहे थे, तभी आतंकी हमला हुआ। उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे से कहा, “जाओ और मोदी जी को बताओ।” यह वाक्य पूरे देश को झकझोर गया।
पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी
रायपुर निवासी कारोबारी दिनेश मिरानिया की मौत पर रायपुर के कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पीड़ित परिवार को जल्द दिल्ली लाया जाएगा, जहां से शव उनके घर पहुंचाया जाएगा। प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ संपर्क में है।
जम्मू में बढ़ाई गई सुरक्षा, बंद का आह्वान
हमले के बाद जम्मू में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। आम जनता में भारी रोष है और कई संगठनों ने सामूहिक बंद का आह्वान किया है। जगह-जगह लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा और समर्थन
इस हमले की खबर तेजी से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में फैली। कई देशों ने इस जघन्य हमले की निंदा की और भारत को हर संभव समर्थन देने की बात कही। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों पर फिर से उंगली उठी है और भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवारों के लिए अब क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलेगा। आतंकी घटनाओं में अकसर न्याय की प्रक्रिया लंबी खिंचती है, लेकिन इस बार देश भर में भारी जनआक्रोश के चलते सरकार और सुरक्षाबलों पर दबाव है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले।

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