आतंकियों ने की थी सुनियोजित रेकी
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने एक से सात अप्रैल के बीच इलाके की रेकी की थी। यह पूरी साजिश द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के कमांडर सैफुल्लाह के नेतृत्व में रची गई थी।
सेना की वर्दी में आए थे आतंकी
हमले को अंजाम देने वाले छह आतंकी सेना की वर्दी में थे, जिससे पर्यटकों को धोखा हुआ। मंगलवार दोपहर तीन बजे के करीब बायसरन घाटी में आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आतंकी पहले पर्यटकों से धर्म पूछते, पहचान पत्र दिखवाते और फिर हिन्दू पहचान होने पर उन्हें गोली मारते।
26 की मौत, 20 घायल
इस नृशंस हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक भी शामिल हैं। लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, सरकार ने अब तक 16 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है।
TRF ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े गुट TRF ने ली है। हमला श्री अमरनाथ यात्रा से पहले किया गया, जिसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने बीच में छोड़ा सऊदी दौरा
हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की यात्रा बीच में छोड़ दी और स्वदेश लौट आए। दिल्ली लौटते ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ आपात बैठक की। गृह मंत्री अमित शाह से भी फोन पर बात की और कड़े कदम उठाने को कहा।
गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे
अमित शाह मंगलवार रात श्रीनगर पहुंचे और वहां राजभवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए और तलाशी अभियान का जायजा लिया।
आतंकियों का संदेश: “जाओ मोदी को बता दो”
एक चश्मदीद महिला ने बताया कि उसके पति को आतंकियों ने गोली मार दी और जब उसने खुद को भी मारने को कहा, तो आतंकी बोले, “तुम्हें नहीं मारेंगे, जाओ मोदी को बता दो।” इस घटना ने सबको अंदर तक झकझोर दिया।
मृतकों की पहचान
हमले में कर्नाटक के मंजुनाथ राव, महाराष्ट्र के दलीप जयराम, अतुल श्रीकांत, संजय लखन, गुजरात के हिम्मत भाई, प्रशांत कुमार, मनीष राजदान, नेपाल के संदीप नवपने और यूएई के उधवानी रादीप कुमार समेत कई पर्यटक मारे गए। दो स्थानीय नागरिक भी इस हमले का शिकार हुए।
तलाशी और सुरक्षा अभियान
घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घटनास्थल के पास से बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है, जिससे आतंकियों के भागने की आशंका है। हेलीकॉप्टरों से भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
एनआईए करेगी जांच
हमले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हमले में स्थानीय मददगारों की भी भूमिका हो सकती है। TRF वही गुट है जो डोडा और किश्तवाड़ में भी सक्रिय रहा है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले को अमानवीय और घृणित करार देते हुए कहा कि इसके अपराधी किसी भी दया के पात्र नहीं हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा

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