हिमानी शिवपुरी ने अपनाया अपना मायका: भटवाड़ी गांव के विकास के लिए उठाया कदम

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने अपने जन्मस्थान, उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के भटवाड़ी गांव को गोद लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह फैसला गांव के पलायन और वहां के बुजुर्गों की स्थिति को देखते हुए लिया है। उनकी इस पहल से ग्रामीणों में एक नई उम्मीद जगी है और यह कदम अन्य प्रवासी उत्तराखंडवासियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

भटवाड़ी गांव की स्थिति

भटवाड़ी गांव, जो कभी रौनक से भरा रहता था, अब पलायन के कारण वीरान होता जा रहा है। गांव में ज्यादातर युवा रोज़गार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर चुके हैं, जिसके कारण गांव में मुख्य रूप से बुजुर्ग ही रह गए हैं। सुविधाओं की कमी के चलते गांव का विकास रुक गया है, जिससे वहां रहने वालों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हिमानी शिवपुरी का योगदान

अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने गांव की स्थिति को सुधारने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। वे स्वास्थ्य सेवाओं, बालिका शिक्षा और बुजुर्गों के कल्याण पर विशेष ध्यान देंगी। उनका उद्देश्य गांव में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और ग्रामीणों की जीवनशैली को बेहतर बनाना है।

  1. स्वास्थ्य सेवाओं का विकास: गांव में स्वास्थ्य केंद्रों की कमी को दूर करने के लिए हिमानी स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने पर काम करेंगी।
  2. शिक्षा को बढ़ावा: खासकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वह नई योजनाएं लेकर आ रही हैं।
  3. बुजुर्गों की देखभाल: गांव में बुजुर्गों की देखभाल और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।
  4. स्वरोज़गार के अवसर: गांव में रोजगार के साधनों को विकसित करने के लिए वह स्थानीय कारीगरों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करेंगी।

गांववासियों की प्रतिक्रिया

गांव के लोगों को जब यह खबर मिली कि हिमानी शिवपुरी ने उनके गांव को गोद लिया है, तो उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। वे उम्मीद कर रहे हैं कि इस पहल से गांव की स्थिति में सुधार होगा और पलायन पर रोक लगेगी।

हिमानी शिवपुरी का करियर और योगदान

हिमानी शिवपुरी का जन्म 26 अक्टूबर 1964 को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के भटवाड़ी गांव में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कला फिल्मों से की और आज तक 100 से अधिक फिल्मों और टीवी शोज़ में काम कर चुकी हैं।

हिमानी शिवपुरी द्वारा अपने गांव को गोद लेना एक अनुकरणीय पहल है। उनके इस प्रयास से गांव का कायाकल्प होगा और अन्य प्रवासियों को भी अपने गांवों के विकास के लिए प्रेरित करेगा।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours