परोपकार का अद्भुत उदाहरण—संदीप ग्रेवाल

विदेश में रहकर भी दिल भारत के लिए धड़कता है

उत्तराखंड के उधमसिंह नगर के मूल निवासी संदीप ग्रेवाल, जो पिछले 25 वर्षों से कनाडा के टोरंटो में रह रहे हैं, आज भी अपनी मातृभूमि से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 21 निर्धन कन्याओं की शादी कराकर यह सिद्ध कर दिया कि उनका हृदय आज भी अपने देशवासियों के लिए धड़कता है।

सामूहिक विवाह में बटी खुशियां

गुरुद्वारा हर गोविंद सिंह साहिब में संपन्न हुए इस सामूहिक विवाह समारोह में ग्राम जादोपुर, हल्दी, भदसरा, मझोला, कुलारा, हरदासपुर, कंचनपुरी जैसे विभिन्न स्थानों से आईं निर्धन कन्याओं का विवाह सिख रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का सामान और अन्य उपहार भेंट किए गए, जिससे वे अपनी शादीशुदा जिंदगी को आसानी से शुरू कर सकें।

शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल

सिर्फ शादी ही नहीं, संदीप ग्रेवाल ने छह गरीब छात्रों की पढ़ाई का भी जिम्मा उठाया। उन्होंने करीब 3.60 लाख रुपये निजी स्कूल में जमा करवाए, जिससे इन वंचित बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके। इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

गांव वालों की खुशी

गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनका एक बेटा विदेश में रहकर भी अपनी जड़ों को नहीं भूला है। ग्रामीणों ने बताया कि संदीप अक्सर गांव आते रहते हैं और लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। उनके इस सामाजिक योगदान की चर्चा दूर-दूर तक हो रही है।

समाज के लिए प्रेरणा

संदीप ग्रेवाल ने न केवल निर्धन बेटियों का विवाह करवाकर बल्कि शिक्षा की ओर भी ध्यान देकर यह दिखा दिया कि अगर नीयत अच्छी हो तो कोई भी नेक कार्य किया जा सकता है। उनकी इस दरियादिली से समाज के अन्य संपन्न लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे आगे आकर जरूरतमंदों की सहायता करें।

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