अपने गांव की ओर लौटे योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पौड़ी गढ़वाल पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अपनी भतीजी की शादी में शामिल होना था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लिया।
मानगढ़ वासनी देवी मंदिर में दर्शन
उत्तराखंड आगमन के बाद योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले मानगढ़ वासनी देवी मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। यह मंदिर उनके बचपन से जुड़ा हुआ है और उनकी गहरी श्रद्धा यहां देखने को मिली।
महंत अवेदनाथ महाराज को श्रद्धांजलि
इसके बाद मुख्यमंत्री यमकेश्वर के विथ्याणी पहुंचे और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेदनाथ महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह क्षण उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक दोनों रूपों में महत्वपूर्ण था।
किसानों के लिए बड़ा कदम: मेले का उद्घाटन
योगी आदित्यनाथ ने इस यात्रा के दौरान दो दिवसीय किसान मेले का भी उद्घाटन किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और कृषि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर चर्चा की।
100 फीट ऊँचे तिरंगे का अनावरण
मुख्यमंत्री योगी ने श्री आनंद सिंह बिष्ट स्मृति पार्क में 100 फीट ऊँचे तिरंगे का अनावरण किया। यह कार्यक्रम देशभक्ति और राष्ट्र गौरव को समर्पित था। बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए उपस्थित थे।
छोटे योगी से खास मुलाकात
अपने गांव में योगी आदित्यनाथ की मुलाकात एक नन्हे बच्चे से हुई, जिसने भगवा वस्त्र धारण कर रखा था। यह बच्चा ‘नन्हे योगी’ के रूप में प्रसिद्ध हो गया। मुख्यमंत्री ने उसे अपनी गोद में उठाया और उसके साथ खेलते हुए देखे गए। यह दृश्य बेहद भावुक करने वाला था और इसे देखकर सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
दौरे का सार
योगी आदित्यनाथ का यह दौरा केवल एक पारिवारिक यात्रा नहीं था, बल्कि इसमें आध्यात्मिकता, सामाजिक दायित्व और किसानों के प्रति समर्पण का संदेश भी था। उन्होंने अपने गांव में समय बिताकर अपनी जड़ों को याद किया और उत्तराखंड के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दर्शाई।

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