केरल हाईकोर्ट: बॉबी चेम्मनूर को जमानत, अभिनेत्री के यौन शोषण मामले में दी गई राहत

कोच्चि, 14 जनवरी 2025

केरल हाईकोर्ट ने मलयालम अभिनेत्री के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किए गए व्यवसायी बॉबी चेम्मनूर को जमानत दे दी है। कोर्ट ने मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। बॉबी चेम्मनूर को आठ जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

मामले का विवरण

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री की एक प्रमुख अभिनेत्री ने व्यवसायी बॉबी चेम्मनूर के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। अभिनेत्री का आरोप है कि चेम्मनूर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनकी सहमति के बिना उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चेम्मनूर को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया।

अदालत की प्रक्रिया

चेम्मनूर के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्य अपर्याप्त हैं और यह मामला व्यवसायिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम हो सकता है।

वहीं, अभिनेत्री के वकील ने आरोपों को गंभीर बताते हुए चेम्मनूर की जमानत याचिका खारिज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आरोपी को जमानत देने से जांच प्रभावित हो सकती है।

जमानत मंजूर

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि चेम्मनूर को जमानत पर रिहा किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी रहेगी और जमानत देने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी को मामले में निर्दोष मान लिया गया है।

कोर्ट की शर्तें

चेम्मनूर को जमानत पर रिहा करते समय अदालत ने कुछ शर्तें लगाई हैं:

  1. वह जांच में सहयोग करेंगे।
  2. बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाएंगे।
  3. गवाहों से संपर्क नहीं करेंगे और किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाएंगे।

जनता की प्रतिक्रिया

इस मामले में जमानत मिलने के बाद जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोगों का मानना है कि चेम्मनूर निर्दोष हैं और यह मामला उनके खिलाफ साजिश हो सकता है, जबकि अन्य लोग इसे महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में न्याय प्रक्रिया की धीमी गति का उदाहरण मानते हैं।

यौन शोषण के मामलों की बढ़ती संख्या

यह मामला भारत में बढ़ते यौन शोषण के मामलों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में तेजी से कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना आज के समय की प्राथमिकता होनी चाहिए।

आगे की कार्रवाई

अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी रहेगी। पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा

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