यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने माना कि गलत जानकारी के कारण पीथमपुर में हालात बिगड़े। यह घटना न केवल जनस्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि प्रशासनिक तैयारी पर भी सवाल खड़े करती है।
न्यायपालिका का निर्देश
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को छह हफ्तों के भीतर समाधान प्रस्तुत करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
आगे की चुनौतियाँ
सरकार को इस मुद्दे पर कार्रवाई करते हुए जनता को सही जानकारी देना और जहरीले कचरे के निपटान की प्रक्रिया को तेज करना होगा। यह मामला प्रशासनिक कुशलता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की परीक्षा भी है।

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